Mother’s Day Special: माँ भी इंसान है


“माँ”  पर अनगिनत रचनायें रची गयी हैं।  

आमतौर माँ  को देवी कहा जाता है या काफी स्टिरिओटाइप बताया जाता है। 

लेकिन,  

aai_baal

Mother and child

मेरी सोच कुछ अलग है,
मेरे लिए माँ एक इंसान है। 

शायद इस प्रयास में पद्य की बजाय गद्य ही दिखे

पर मैं अपनी बात कहना चाहती हूँ।

माँ भी इंसान है

उस में अच्छाई है

तो बुराई भी है।

उसकी अपनी सीमाएं भी हैं

वो सही बात करती है

तो कभी गलत भी होती है।

जहाँ वो पूर्ण है

वहीं वो अपूर्ण भी है।

वो बहुत कुछ सहती है

पर उसकी सहनशीलता की भी सीमा है।

वो बहुत कुछ देती है

पर उसकी अपनी छोटी छोटी ख्वाईशें भी होती हैं।

वो चाहती है सब ठीक हो

पर कभी कभार सब ठीक नहीं होता

संभालना चाहती है पर संभाल नहीं पाती है।

उसकी अपनी मजबूरियाँ होती हैं।

एक अदद निजी जिंदगी भी होती है।

जहाँ चाहतें और रुसवाइयाँ भी होती हैं।

उसकी खुद की कई समस्याएँ होती हैं।

कभी ये शारीरिक तो कभी मानसिक होती हैं

कई बार तो ये सांस्कृतिक भी होती हैं ।

बच्चों को पालते हुए वो भी काफी कुछ संभालती है

कभी अपना वजूद तलाश करती है तो कभी खुद कुछ नया सीखती है

गिरती है, संभलती है, औरों को लिए आगे बढ़ती है।

असली माँ “देवी ” या “स्टिरिओटाइप ” वाली माँ से अलग होती है

ये आपकी और मेरी तरह इंसान होती है।

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3 Responses to Mother’s Day Special: माँ भी इंसान है

  1. Rohit Nag says:

    Wow….very well written

    Liked by 1 person

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