Random 27: Revealing

Revealing

I can be a pillow, shed a tear or two in pain.

I can be a gentle breeze, feel happy in vain.

I offer you my shoulder to lean.

But

I refuse being

part of the crowd,

just a cheerleader.

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उसको ग़म में मेरी मौजूदगी गवारा न थी,

बहारों में मैंने उसका साथ छोड़ दिया 

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Random 24: Illusion

Do I have a lensball?

Do I have a macro lens?

Do I have a tripod?

NO.

Is my photo perfect?

No.

A decent shot

makes me happy.

Perfection is an illusion.

Let’s rejoice in little achievements.

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माँ ने इक उम्र पति के ऐबों को छुपाते गुज़ार दी,

बेटियाँ अपना पति अपने पिता की तरह “perfect” नहीं,

इस एहसास-ए-कमतरी में गुज़ार रही हैं।

– रुपाली

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P.S. This morning I saw water droplets at the end of the pothos leaves, which is also called guttation. That happens through water glands or hydathodes on the tip of the pothos leaf, which release the water.

क्या मैं वाक़ई में अलग हूँ?

क्या मैं वाक़ई में अलग हूँ?

क्या मैं वाक़ई में अलग हूँ,

आपसे, या उनसे या फिर उनसे,

तो फिर क्यों उठती है ये दीवार बार बार,

कभी इधर से कभी उधर से।

क्यों नहीं मैं  हटा पाती,

इन उलझनों को,

इस कोहरे को,

जो मेरे और आपके, या फिर मेरे और उनके दरम्यान है।

ऐसा क्या है “जो”

हमारी नजरों पर,

हमारे ख्यालों पर,

और हमारे दिमाग पर बार बार,

हावी रहता है।

चलिए मिल कर सोचते हैं।

– रुपाली

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Winter – day5

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पानी 

पानी वो एहसास  है,

जो मानो कभी

जम जाता है।

और जरा सी

गर्मी से पिघल भी जाता है।

-रुपाली

एहसासों का बहना जीवन की निशानी है

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Make sure your emotions are not frozen.

क्या है मेरा पता…

बरसों बाद आज किसी ने मुझसे मेरा पता पूछा,

एक ज़माने में जो लिफाफों पे हुआ करता था।

ना रहे लिफाफे, न वो लाने वाले,

पता याद रखने का सबब बचा ही नहीं।

-रुपाली

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आपका क्या ख़याल है -1

आज से मैं एक स्तंभ/काँलम/पेज शुरू कर रही हूँ “आपका क्या ख़याल है”

रोज़मर्रा की जिंदगी में होने वाले वो वाक़ियात जो एक पल में या तो हमें हँसी दे जाते हैं या कुछ सोचने पर मजबूर कर देते हैं। उन्हीं का लेखाजोखा है ये पेज…  

आप सभी से अनुरोध है आप भी अपने ख़याल/विचार साझा करें। 

 कभी रस्ते पर चलने वाले छोटे भाई-बहन को देखें। वो जब तक होसके हाथ थामे रहते हैं।  किसी कारणवश हाथ छूटे तो झट से फिर पकड़ लेते हैं। ये प्यार और अपनेपन का एहसास तमाम उम्र रहे तो कितना अच्छा हो।

मेरी हर एक पोस्ट को में एक नंबर दूँगी और वह इस पेज पर जोड़ दूँगी। 

दरवाज़ा

काफी अरसे  बाद लिखने की कोशिश…

sher_18july18

बेगानों के दरवाजों तक छोड़ने आते हो,

अरे नादान

अपने दिल का दरवाज़ा तो खोल

थक गए हम लोगों के घरों तक जाते।।

-रुपाली