Tag Archives: Hindi

Hindi shayari: एक आंसू

चित्र और शब्द मेरे हैं बस तेरा एक आंसू काफ़ी था, मेरी सारी दास्तां डुबोने के लिए। -रुपाली

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Hindi poetry: सकारात्मक रहें

रविवार के लिए विचार … (शब्द और चित्र मेरे हैं ) जिंदगी के काफ़ी सारे बोझ ज़रा सी देर के लिए होते हैं हमारे विचारों की गर्मी और सही कोशिश इन्हे पिघला देती है। पर न जाने क्यों हम इनकी … Continue reading

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मैं, रसोई की खिड़की और चाँद

मेरे द्वारा खींची तस्वीर के लिए कुछ शब्द – मैं, रसोई की खिड़की और चाँद बड़े रौब से कहे कि तनहा है वो रसोई की खिड़की से झाँक कर चाँद चुगली कर गया। -रुपाली

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शौक फरमाइए

लिखने की तमन्ना में सब इंतजामात किये फिर कभी यहाँ तो कभी वहाँ बैठे, ख़यालों के समंदर में रवानी थी काफी लफ्ज़ों की कश्ती भी चलती रही बाकी, लहरों की तरह ख़्याल टकराये पर कसम ले लो, हम एक लफ्ज़ भी न … Continue reading

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Shayari – शौक

उनकी गली से जो गुजरो, नजरें नीची रखना सुना है आखों से कही से मुकर जाने का शौक है उन्हें। -रुपाली Unki gali se jo gujro, najare nichi rakhna suna hai aakhon se kahi se mukar jane ka shauk hai unhe

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Shayari: “कल और आज”

नए घर की देहलीज़ लाँघ रही बहू से सास ने कहा बहू पीहर का सब बाहर ही छोड़ आना भीतर न लाना हमारे घर के अपने रिवाज़, अपने तौर तरीके हैं . झुकी नजरों से सास की एक हलकी सी झलक लेते … Continue reading

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Shayari – चित्र लेखन

मेरे द्वारा खींची तस्वीर के लिए कुछ शब्द…

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Mother’s Day Special: माँ भी इंसान है

“माँ”  पर अनगिनत रचनायें रची गयी हैं।   आमतौर माँ  को देवी कहा जाता है या काफी स्टिरिओटाइप बताया जाता है।  लेकिन,   मेरी सोच कुछ अलग है, मेरे लिए माँ एक इंसान है।  शायद इस प्रयास में पद्य की बजाय गद्य ही … Continue reading

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शहर का हर शख्स जाना पहचाना लगता है।

सुबह की भाग दौड़ है कहीं बसों की दौड़ हैं कहीं गाड़ियाँ रुकीं हैं कहीं हर रस्ता पहचाना लगता है। कहीं उम्मीद तो कहीं उदासी है किसी का पेट भरा हुआ तो कोई खाली है कहीं घाव हरे तो कहीं … Continue reading

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दस्तक़

उनकी आज़माइशों पर उतरना छोड़ दिया मैंने, यू  कहे सुकून से जीना सीख़ लिया मैंने।  मेरे दिल के दरवाज़े अभी भी खुले हैं, बस उनके दरवाज़े पर दस्तक़ देना छोड़ दिया मैंने।  Unki ajmaisho par utarna chhod diya meine, yu kahe … Continue reading

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