काश

मेरे द्वारा खींची तस्वीर के लिए कुछ शब्द…

यूं तारों पे न बसर होता,

काश उसकी गली में अपना मकां होता।

बहुत कुछ लुटा देते उस पर,

गर थोड़ी सी जमीं, थोड़ा सा आसमां  होता।

-रुपाली

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Daily Prompt: Honk

You see it or not.

There is a goose inside us all.

Reason might varies,

she honks,

The question is,

if someone really paying attention?

Life is really hard.

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In my life seagulls are playing role of geese  😀

संस्कृति!

हजारों साल पुरानी संस्कृति के बचाव हेतु,
हाथों में हमने पत्थर उठा लिए हैं,
बस हम न अपने दशरथ के राम हो सके
और न अपने राम के लक्ष्मण,
ये बात अलग है।
-रुपाली

Hajaron sal purani sanskriti ke bachav hetu,

hatho mei hamne patthar utha liye hain,

bas ham na apne dashrath ke ram ho sake,

aur na apne ram ke lakshman,

ye baat alag hai.

-Rupali

ऐसा क्यों होता है…

ऐसा क्यों होता है

चार दुकाने घूमने के बाद ख़रीदा अदरक छटाक भर,

घर आने पर, उसे धोने पर अहसास ये होता,

वो पांचवी दुकान जहाँ हम गए नहीं,

वहां का अदरक इससे अच्छा होगा।

-रुपाली

(यहाँ अदरक मेटाफोर या रूपक है )

खुशमिजाजी!

मेरे द्वारा खींची तस्वीर के लिए कुछ शब्द-

काम के तो न हम कल थे, न आज हैं।

खुशमिजाजी यूं ही तो बरकरार नहीं रहती।

-रुपाली

(ये तस्वीर मिनिमल (न्यूनतम – जिसमे आपका विषय कम से कम दिखयी दे )फोटोग्राफी दर्शाने के लिए खींची थी)

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नमी (moisture in eyes)

मेरे द्वारा खींची एक और तस्वीर के लिए कुछ शब्द –

जिंदगी में खुशियाँ कुछ कम नहीं,

पर आँखों की नमी है ज्यादा

-रुपाली

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Fellow bloggers please help me translating it in English.