Tag Archives: Words

ऐसा क्यों होता है…

ऐसा क्यों होता है चार दुकाने घूमने के बाद ख़रीदा अदरक छटाक भर, घर आने पर, उसे धोने पर अहसास ये होता, वो पांचवी दुकान जहाँ हम गए नहीं, वहां का अदरक इससे अच्छा होगा। -रुपाली (यहाँ अदरक मेटाफोर या रूपक है … Continue reading

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खुशमिजाजी!

मेरे द्वारा खींची तस्वीर के लिए कुछ शब्द- काम के तो न हम कल थे, न आज हैं। खुशमिजाजी यूं ही तो बरकरार नहीं रहती। -रुपाली (ये तस्वीर मिनिमल (न्यूनतम – जिसमे आपका विषय कम से कम दिखयी दे )फोटोग्राफी दर्शाने के … Continue reading

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Do you memorize

Things closed to my heart, to my soul, to my senses, stay in memory forever. Daily Prompt: Memorize   

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Apology

Willy-nilly Things have come up, on professional and home ground, keeping me on toes. Expecting your support. Soon will appear in your comment section 🙂

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Happy to amble

The sand, the water, the geography doesn’t matter If I can amble on a peaceful morning. My first attempt to participate in Daily Prompt

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“बूँद” (Tiny raindrops)

मेरे द्वारा खींची एक और तस्वीर के लिए कुछ शब्द – “बूँद” उसकी याद में आसमां फट पड़ा पूरी तरह खाली हो गया सारी बातें, सारी कसमें बह गयी बस यादों के कुछ पल शाखों पर और पत्तों पर ठहर … Continue reading

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शौक फरमाइए

लिखने की तमन्ना में सब इंतजामात किये फिर कभी यहाँ तो कभी वहाँ बैठे, ख़यालों के समंदर में रवानी थी काफी लफ्ज़ों की कश्ती भी चलती रही बाकी, लहरों की तरह ख़्याल टकराये पर कसम ले लो, हम एक लफ्ज़ भी न … Continue reading

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Shayari: “कल और आज”

नए घर की देहलीज़ लाँघ रही बहू से सास ने कहा बहू पीहर का सब बाहर ही छोड़ आना भीतर न लाना हमारे घर के अपने रिवाज़, अपने तौर तरीके हैं . झुकी नजरों से सास की एक हलकी सी झलक लेते … Continue reading

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Art in reflection (a series) – 10

Water reflects present; neither past nor future; there resides beauty  

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दस्तक़

उनकी आज़माइशों पर उतरना छोड़ दिया मैंने, यू  कहे सुकून से जीना सीख़ लिया मैंने।  मेरे दिल के दरवाज़े अभी भी खुले हैं, बस उनके दरवाज़े पर दस्तक़ देना छोड़ दिया मैंने।  Unki ajmaisho par utarna chhod diya meine, yu kahe … Continue reading

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